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यूपी बोर्ड- योगी सरकार की सख्ती की वजह से चार लाख से अधिक छात्रों ने छोड़ी परीक्षाएँ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएँ कराने के वादे और उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक श‍ि‍क्षा बोर्ड द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के चलते राज्य में 4,68,804 से अधिक छात्रों ने बोर्ड परीक्षाएँ छोड़ दी हैं।

ज़ी न्यूज की रिपोर्टों के अनुसार, उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक श‍ि‍क्षा बोर्ड के सचिव ने बुधवार (3 मार्च) को बताया, “674 छात्रों ने परीक्षा नहीं दी। जाँच के वक्त करीब 400 छात्रों को गलत तरीके से परीक्षा देते पकड़ा गया। बोर्ड परीक्षा में नकल करने के लिए 233 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।”

यूपी बोर्ड की परीक्षाएँ 18 फरवरी को शुरू हुई थीं। पहले दो दिन में 2,00,000 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थीं। आँकड़ों के अनुसार, 2020 में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत छात्रों की संख्या 56,11,869 (30,25,442 हाईस्कूल और 25,86,427 इंटरमीडिएट के छात्र शामिल हैं) थी।

रिपोर्ट के अनुसार, 10वीं कक्षा के 21,106 और इंटरमीडिएट के 70,542 परीक्षार्थी प्राइवेट फॉर्म के जरिए परीक्षा दे रहे थे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की पीरक्षाएँ तीन मार्च को और इंटरमीडिएट की परीक्षाएँ छह मार्च को समाप्त हुई हैं।