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मसूद अज़हर के संबंधी मोहम्मद इस्माइल का पुलवामा जैसे हमले की योजना में हाथ था

भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा पुलवामा के अयानगुंड में बड़े आतंकी हमले को नाकाम करने के बाद हुई शुरुआती जाँच में पता चला इसमें मसूद अज़हर के संबंधी मोहम्मद इस्माइल अल्वी उर्फ लंबू का हाथ था।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, दो आतंकवाद निरोधक अधिकारियों ने बताया, “मोहम्मद इस्माइल जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अज़हर का करीबी रिश्तेदार है। 14 फरवरी-2019 को हुए पुलवामा हमले में मुख्य भूमिका मसूद अज़हर ने निभाई थी।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही एनआईए मामले की जाँच संभालेगी। पिछले वर्ष हुए हमलों को लेकर संघीय एजेंसी इस्माइल लंबू को पकड़ने में लगी है। इनमें से एक अधिकारी ने कहा, “इस्माइल भाई के रूप में जाना जाता है। उसे मोनिकर फौजी बाबा भी बुलाया जाता है।”

“इस्माइल 2018 के अंत में भारत आया था। उसने मुदस्सिर खान, खालिद और मोहम्मद उमर फारूक (पुलवामा हमले के साजिशकर्ता) को घाटी में खदानों से जिलेटिन की छड़ें और स्थानीय दुकानों से अमोनियम नाइट्रेट सहित विस्फोटक सामग्री एकत्र करने में मदद की थी।”

अधिकारी ने कहा, “इस्माइल एक आईईडी विशेषज्ञ है। उसने पुलवामा हमले के लिए अन्य हमलावरों को मारुति वैन में बम फिट करने में मदद की थी। उसका डिप्टी समीर अहमद डार भी पिछले वर्ष आत्मघाती बम विस्फोट में शामिल था।”

दूसरे अधिकारी ने बताया, “इस्माइल ने कार धमाके की योजना बनाई थी। इस बम को सैंट्रो कार में रखा गया था पर समय से पहले इसका पता चल गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने संकेत दिया कि बम आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट और नाइट्रोग्लिसरीन से बना था। इसमें उन्हीं चीजों का इस्तेमाल हुआ था, जिसका पुलवामा बम धमाके में किया गया था।

दोनों घटनाओं में समानताएँ जैश की संलिप्तता को दर्शाती हैं। लगता है कि हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर भी धमाके के प्रयास में शामिल हों क्योंकि ये एक बड़े आतंकी हमले का संचालन कर रहे हैं।