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मुद्रा योजना से 2015 से 2018 में हुआ 1.12 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजन- केंद्र

एक बड़ी उपलब्धि में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के शुभारंभ के बाद से 19 मार्च 2021 तक 14.96 लाख करोड़ रुपये की राशि के लिए 28.68 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।

नॉन कॉरपोरेट, गैर कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान करने के लिए 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री ने पीएमएमवाई की शुरुआत की थी। इसके तहत विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में आय पैदा करने वाली और कृषि से संबद्ध गतिविधियों के लिए 10 लाख रुपये तक का जमानत मुक्त ऋण दिया जाता है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “अकेले वित्त वर्ष 2020-21 में 2.66 लाख करोड़ रुपये की राशि के लिए 4.20 करोड़ पीएमएमवाई ऋण स्वीकृत किए गए। ऋण का औसत आकार करीब 52,000 रुपये है। सभी ऋणों का 88 प्रतिशत शिशु श्रेणी का है यानी 50,000 रुपये तक के लोन को कवर करना।”

श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 2015 से 2018 तक पीएमएमवाई ने 1.12 करोड़ शुद्ध अतिरिक्त रोजगार सृजन में मदद की। रोजगार में अनुमानित वृद्धि के 1.12 करोड़ में से महिलाओं की संख्या 69 लाख (62 प्रतिशत) है। करीब लगभग 68 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को दिया गया है। करीब 51 प्रतिशत ऋण एससी/ एसटी/ओबीसी वालों को दिया गया।