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केंद्र की सभी 3.15 करोड़ छात्रवृत्तियाँ अक्टूबर से पूरी तरह डिजिटल होने के लिए तैयार

एक सकारात्मक विकास में केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली सभी 3.15 करोड़ छात्रवृत्तियाँ अक्टूबर से पूरी तरह से डिजिटल होने के लिए तैयार हैं। इसमें अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को प्रदान की जाने वाली 2.5 करोड़ छात्रवृत्तियाँ भी सम्मिलित हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसी के लिए वर्तमान में एक इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल का परीक्षण सरकार कर रही है। यह निःशक्त व्यक्तियों के अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शिक्षा, आदिवासी मामलों व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालयों द्वारा मेधावी छात्रों को दी जाने वाली सभी छात्रवृत्ति के वितरण के लिए एकल बिंदु के रूप में काम करेगा।

अगर छात्र संस्थान वगैरह नहीं बदलते हैं तो यह पोर्टल उन सभी छात्रवृत्ति योजनाओं को सुव्यवस्थित करेगा, जो गैर-लाभार्थियों को धन की हेरा-फेरी, राज्य सरकारों द्वारा छात्रवृत्ति में अपने हिस्से का योगदान नहीं देने और मेधावी छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति प्राप्त करने में सक्षम नहीं होने जैसे कई मुद्दों से जूझ रही हैं।

पोर्टल में छात्रवृत्ति भुगतान के लिए एक निश्चित कार्यक्रम, छात्रवृत्ति में केंद्र के हिस्से का स्वत: वितरण जैसी अंतर्निहित विशेषताएँ होंगी क्योंकि राज्य अपने हिस्से का योगदान देता है और छात्रवृत्तियाँ लाभार्थी विशिष्ट होती हैं न कि संस्थान विशिष्ट।