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रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सेनाओं के लिए 13,700 करोड़ की रक्षा खरीद को स्वीकृति दी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने मंगलवार (23 फरवरी) को तीन सशस्त्र बलों द्वारा आवश्यक विभिन्न हथियारों और उपकरणों के पूँजी अधिग्रहण प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 13,700 करोड़ रुपये की समग्र लागत के लिए तीन स्वीकृति की आवश्यकताओं (एओएन) वाला समझौता किया गया था।

ये सभी एओएन रक्षा अधिग्रहण की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली श्रेणी में हैं। यानी बाई इंडिया- आईडीडीएम (स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित)।

इन सभी अधिग्रहण प्रस्तावों को स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया जाएगा। इनमें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए मंच और सिस्टम भी शामिल होंगे।

भारतीय सेना के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में 118 अर्जुन मार्क-1ए टैंक की खरीद, स्वदेशी रूप से विकसित अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) का बहुत उन्नत संस्करण शामिल है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद तीन सेवाओं (सेना, नौसेना और वायु सेना) और भारतीय तटरक्षक बल के लिए नई नीतियों व पूँजी अधिग्रहण पर निर्णय लेने के लिए रक्षा मंत्रालय में सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।