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भारत में बने 100 अरब डॉलर के स्मार्टफोन होंगे निर्यात, पीएलआई के तहत मिली स्वीकृति

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार के अधिकार प्राप्त समूह ने एप्पल आईफोन के अनुबंध निर्माताओं फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन व विस्ट्रॉन, करियोई कंपनी सैमसंग के साथ लावा, कार्बन व डिक्सन टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी घरेलू कंपनियों द्वारा प्रस्तुत किए गए भारत में 41,000 करोड़ की लागत से 100 अरब डॉलर के स्मार्टफोन निर्यात के आवेदनों को उत्पादन लिंक्ड इनसेंटिव (पीएलआई) के तहत स्वीकृति दे दी है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सशक्त समूह ने प्रस्तावों को अनुमति दे दी है। अब इन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। वहीं, स्वीकृत किए आवेदनों में से पाँच विदेशी कंपनियाँ हैं, जबकि सात भारतीय हैं। इनमें लावा, डिक्सन, माइक्रोमैक्स, पैडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स, सूजो, कार्बन और ऑप्टिमस हैं।

एप्पल इंक के अनुबंध निर्माताओं और अकेले सैमसंग ने आगामी प्रत्येक पांच वर्षों में 50 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। इसमें निर्यात इन आँकड़ों का एक घटक है।

कुल मिलाकर सरकार को पीएलआई योजना के तहत 22 कंपनियों से आवेदन मिले थे। इन्हें अप्रैल में अधिसूचित किया गया था, ताकि स्मार्टफोन के लिए भारत को विनिर्माण हब के रूप में बदल दिया जाए।

यह भी गौर करना चाहिए किए मजबूत समूह ने समान घटकों के विनिर्माण योजना के तहत प्रस्तुत छह प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। इनमें चार विदेशी कंपनियाँ और दो घरेलू कंपनियाँ शामिल हैं।