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मोदी सरकार ने सेना को दिए आपातकालीन अधिकार, खरीद सकते हैं आधुनिक हथियार

पुलवामा आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने तीनों सेनाओं को पाकिस्तान से लगी सीमा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ज़रूरी हथियार व रक्षा उपकरण खरीदने के आपातकालीन अधिकार दे दिए हैं। अब सेना खुद अपने लिए आधुनिक हथियार खरीद सकती है।

एएनआई  के सूत्रों की मानें तो तीनों सेनाओं को दी गई शक्तियों के तहत 300 करोड़ रुपये प्रति मामले की लागत पर तीन महीने के भीतर अपनी पसंद के रक्षा उपकरण खरीद सकते हैं।

इंडिया टुडे  के अनुसार, आपातकालीन अधिकारों के तहत उपकरण खरीद के लिए सेनाओं को रक्षा वित्त विभाग के वित्तीय सलाहकार की मंजूरी लेने की भी ज़रूरत नहीं है। सेना एक विक्रेता से उपकरण खरीदने का विकल्प भी चुन सकती है।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद कुछ हफ्तों बाद कथित तौर पर मोदी सरकार ने सेना को आपातकालीन शक्तियाँ दे दी थीं। इसका प्रयोग करते हुए सेना इज़रायल से करीब 250 स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल खरीदने की योजना बना रही है। इनका इस्तेमाल दुश्मन के टैंक रेजिमेंटों के खिलाफ किया जा सकता है।

इसी तरह वायु सेना और नौसेना भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मिसाइल और अन्य हथियार प्रणाली खरीदने के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय का मानना है कि सुरक्षाबलों को युद्ध लड़ना है इसलिए उन्हें अधिग्रहण में अपनी जरूरत, प्राथमिकता पर निर्णय लेना चाहिए और जरूरी हथियार खरीदने चाहिए।