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सर्वोच्च न्यायालय का समय ‘व्यर्थ’ न हो, ‘पीएम मोदी’ का निर्णय चुनाव आयोग पर

बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय की प्रधानमंत्री मोदी पर आधारित फिल्म ‘पीएम मोदी’ की रिलीज़ को लेकर हो रहे विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय आखिरकार अपने विचार रखे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज़ को रोकने की याचिका को खारिज करते हुए इसे समय की बर्बादी कहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग पर यह फैसला छोड़ने के लिए कहा है।

सर्वोच्च न्यायालय में फिल्म को रोकने की याचिका का प्रतिनिधित्व कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी से न्यायाधीश राजन गोगोई ने कहा, “अदालत का काफी समय ऐसे गैर कानूनी मुद्दों में व्यर्थ होता है।” वहीं अभिषेक का कहना है कि लोकसभा चुनावों के समय फिल्म को रिलीज़ करना चुनावों के लिए सही नहीं है, इस से चुनावों पर प्रभाव होगा, निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र का आधार है।

अभिषेक ने बहस में जोड़ा कि फिल्म को भाजपा के पदाधिकारियों ने बनाया है और साथ ही नरेंद्र मोदी  की भूमिका निभा रहे विवेक ओबेरॉय भी भाजपा के चुनाव प्रचार में जुड़ रहे हैं। फिल्म में भाजपा के गीत, नारे एवं ‘चाय वाला’ जैसे वाक्यांशों का प्रयोग किया गया है। हालाँकि इन सब के बाद भी न्यायालय ने इस पर कोई भी फैसला लेने से इनकार करदिया है।