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ग्रामीण विकास को बल देने के लिए पैनल ने दिया दो मंत्रालयों के विलय का प्रस्ताव

सरकार द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय पैनल ने ग्रामीण केंद्रित योजनाओं के काम करने के तरीकों पर बेहतर समन्वय और परिणाम के लिए पंचायती राज मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के बीच विलय का प्रस्ताव दिया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण योजनाओं की समीक्षा के लिए सरकार द्वारा पैनल का गठन किया गया था। उसने यह प्रस्तावित किया कि उक्त मंत्रालयों का विलय केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर लागू किया जाएगा। उसने ज़ोर दिया कि इन मंत्रालयों और उनके विभागों को एकजुट होने से समन्वय और परिणाम बेहतर मिलेंगे।

यह भी कहा गया कि विलय के लिए कुशल तंत्र बनाने के लिए विशेष कार्यबल भी बनाया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रामीण विकास योजनाओं के परिणामों में सुधार पर पैनल ने सभी योजनाओं के लिए एक गुणवत्ता सूचकांक तैयार करने का सुझाव दिया है। इसके बाद परिणाम संबंधी उपलब्धियों के साथ नियमित रूप से इसकी निगरानी की भी बात कही।

पैनल ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को त्रुटियों की गुंजाइश कम करने के लिए लाभार्थियों की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना-आधारित सूची की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए। दरअसल, मौजूदा सूची बहुत पुरानी है। इसमें गंभीर समावेश और बहिष्करण की काफी त्रुटियाँ शामिल हैं।