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गृह मंत्रालय- चार ईसाई संगठनों के विदेशी धन लेने पर रोक, यूएस के दो दानदाता पर शक

केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने छह गैर सरकारी संगठनों के विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। अब इसके बिना कोई विदेशी धन हासिल नहीं किया जा सकेगा।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी धन हासिल करने के लिए भारत में सक्रिय किसी गैर-लाभकारी संगठन के लिए एफसीआरए लाइसेंस अनिवार्य होगा।

यह गौर किया जाना चाहिए कि जिन छह एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस निलंबित हुए हैं, उनमें चार ईसाई संघ शामिल हैं। इनमें झारखंड का ईकोसॉउलिस नॉर्थ वेस्टर्न गॉसनर इवेंजेलिकल, मणिपुर का इवेंजेलिकल चर्च असोसिएशन (ईसीए), झारखंड का नॉर्दर्न इवेंजेलिकल लूथरन चर्च और मुंबई का न्यू लाइफ फेलोशिप एसोसिएशन एनएलएफए शामिल हैं।

इसके अलावा, दो संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) आधारित ईसाई दानदाता भी एमएचए के शक के घेरे में हैं। इनमें सेवंथ डे एडवेंटिस्ट चर्च और बैपटिस्ट चर्च हैं। वर्तमान में भारत में उनकी फंडिंग गतिविधियों की भी जाँच की जा रही है।

यह गौर किया जाना चाहिए कि इससे पूर्व 2017 में एक और शक्तिशाली यूएस-आधारित ईसाई दाता, जिसे कॉम्पेशन इंटरनेशनल कहा जाता था का भारत में संचालन रोका गया था। दरअसल, गृह मंत्रालय को पता चला था कि उसने कुछ एनजीओ को वित्त पोषित किया था, जो धार्मिक रूपांतरण को प्रोत्साहित करते थे।

इस बीच, छह एनजीओ जिनके एफसीआरए लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। उनमें अन्य दो राजनंदगांव कुष्ठरोग अस्पताल व क्लिनिक और डॉन बॉस्को ट्राइबल डवलपमेंट सोसाइटी हैं।