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केजरीवाल सरकार की मुफ्त सेवा के विरोध में मेट्रोमैन श्रीधरन, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

मेट्रोमैन कहे जाने वाले ई श्रीधरन ने दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त मेट्रो सेवा की सुविधा दिए जाने वाली केजरीवाल सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। द हिंदू  की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखते हुए उनसे इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की माँग की है।

दिल्ली सरकार ने हाल ही में वादा किया था कि अगले दो-तीन महीनों में महिलाओं को मेट्रो और बसों में मुफ्त सफर की सुविधा दी जाएगी। 2021 में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए लिए गए इस फैसले की कई लोगों ने आलोचना भी की है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रमुख ई श्रीधरन ने पत्र में लिखा, “एक वर्ग को रियायत देने के लिए सरकार दिल्ली मेट्रो को अक्षम बनाने और दिवालियापन की ओर धकेलने का एकतरफा निर्णय नहीं ले सकती है। इस मामले में दिल्ली और और केंद्र सरकार दोनों सामान हितधारक हैं।”

उन्होंने कहा, “अगर दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त यात्रा रियायत दी जाती है तो यह देश के अन्य सभी महानगरों के लिए एक गलत मिसाल कायम करेगा।” दिल्ली सरकार का तर्क है कि वह राजस्व घाटे की प्रतिपूर्ति डीएमआरसी को करेगा।

इससे पहले, केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी केजरीवाल सरकार की मुफ्त सवारी वाली घोषणा की निंदा की थी। उन्होंने कहा था, केंद्र सरकार ने डीएमआरसी में 50% के बराबर स्वामित्व दिया है। ऐसे में उसकी स्वीकृति के बगैर इस तरह का कदम उठाना पूरी तरह गलत है।”