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“घाटी में युवाओं के पास नौकरी नहीं इसलिए हथियार उठाने को हैं मजबूर”- महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के बाद फिर से विवादित बयान दिया है। उन्होंने अनुच्छेद 370 के मसले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “आज घाटी में युवाओं के पास नौकरी नहीं है। इस वजह से उनके सामने हथियार उठाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता है।”

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा जम्मू-कश्मीर की भूमि बेचना चाहती है और कहा, “बाहर से आकर लोग यहाँ नौकरी कर रहे हैं लेकिन हमारे बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है।”

महबूबा मुफ्ती ने कहा, “हम वाल्मिकी या पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को मिल रहे अधिकारियों के खिलाफ नहीं हैं। ना ही ये मुस्लिम या हिंदू से जुड़ा विषय है। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान का मामला है। लोगों को अपने भविष्य की चिंता है। केंद्र सरकार ने बाबा साहेब के संविधान के साथ खिलवाड़ किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “यहाँ बजरी, रेत के कारोबार में शामिल लोग भूखमरी की कगार पर हैं। अब ये काम बाहरी राज्यों के लोगों को दिया गया है। हमने जम्मू में समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत की। कारोबार पूरी तरह ठप है। रोजगार मिल नहीं रहा है। इंडस्ट्री चल नहीं रही है। भाजपा द्वारा दिखाए गए सपनों में अब यहाँ के नागरिक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।”

बता दें कि महबूबा मुफ्ती इन दिनों जम्मू के दौरे पर हैं। यहाँ उन्होंने पार्टी नेताओं के अलावा समाज के अन्य तबकों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।