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हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस की बैठक, वरिष्ठ नेताओं के न रहने पर उठे सवाल

लोकसभा चुनावों में हार की समीक्षा करने के लिए पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुवाई में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित की गई बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जितिन प्रसाद, इमरान मसूद, सलमान खुर्शीद और श्रीप्रकाश जायसवाल जैसे वरिष्ठ नेता अनुपस्थित थे, जिन्हें लोकसभा चुनाव में हार का मुँह देखना पड़ा था। कई कांग्रेसी नेताओं ने दावा किया कि दिल्‍ली-एनसीआर के नजदीक के प्रत्‍याशियों को दिल्‍ली में एक अन्‍य बैठक में हिस्‍सा लेना था इसलिए वे यहाँ नहीं आए।

बैठक में मौजूद 28 प्रत्याशियों में से एक ने कहा, “अनुपस्थित रहने वाले बड़े नेताओं के साथ पार्टी अलग व्‍यवहार क्‍यों करती है। लखनऊ दिल्‍ली से दूर नहीं है। हम भी दिल्‍ली जा सकते थे।”

जिला और शहर अध्यक्षों का आरोप था कि प्रत्याशी ने चुनाव के दौरान संगठन को वरीयता ही नहीं दी। एक नेता ने सिंधिया और राजबब्बर को बताया, “अप्रैल 2017 से जिला प्रमुखों की नई नियुक्ति लंबित थीं। राज बब्बर के यूपी प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह माना गया कि सूची जल्द ही जारी की जाएगी। मार्च 2018 में राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद यह कवायद फिर से की गई लेकिन नेतृत्व का निर्णय नहीं लिया गया।”

सुबह से शाम तक चली बैठक के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “परिणाम निराशाजनक थे लेकिन हमें फिर से चुनौती देने के लिए तैयार रहने कीआवश्यकता है। अगले दो हफ्तों में हम यूपी विधानसभा उपचुनावों के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे।”