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कोयला आयात पर 2023 तक देश की निर्भरता खत्म करने की कोशिशें जारी- प्रह्लाद जोशी

बिजली उत्पादन के लिए कोयले की लगातार ज़रूरत पर ध्यान देते हुए केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “कोयला आयात पर देश की निर्भरता को 2023 तक समाप्त करने की कोशिशें जारी हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर देने के बावजूद देश की स्थिरता के लिए कोयला आधारित उत्पादन की आधारभूत क्षमता की ज़रूरत होगी। सरकार नई खदानों को खोल रही है। मौजूदा खानों की क्षमता का विस्तार कर रही है। साथ ही घरेलू कोयले के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नए बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रही है।”

जोशी ने कहा, “देश की घरेलू कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड अकेले स्टील सेक्टर के धुले हुए घरेलू कोकिंग कोल की कुल मांग को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 11 नए कोकिंग कोल वॉशरीज़ बनाने की ओर अग्रसर है।”

उन्होंने कहा, “वर्तमान में कोयले का प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति में 55 प्रतिशत हिस्सा और बिजली उत्पादन में लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा है। 730 मीट्रिक टन के मौजूदा स्तर से घरेलू कोयले का उत्पादन 2023 तक 1149 मीट्रिक टन किया जाना है।”

मंत्रालय कोयले के विविध उपयोग को बढ़ावा देने की भी कोशिश कर रहा है जैसे संश्लेषण गैस के लिए कोयले का रूपांतरण और बाद के उपयोग में मेथेनॉल या उर्वरकों का उत्पादन करने को लेकर।