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रामवीर उपाध्याय को भाजपा के मंत्री से गले मिलना पड़ा भारी, बसपा से निलंबित

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक रामवीर उपाध्याय का भाजपा प्रत्याशी को गले लगाना भारी पड़ गया। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उन्हें मंगलवार (21 मई) को बसपा से निलंबित कर दिया है।

अमर उजाला  की रिपोर्ट के अनुसार, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम ने निलंबन पत्र जारी करते हुए कहा, “पूर्व मंत्री पर यह कार्रवाई विरोधी पार्टी के समर्थन और अनुशासनहीनता को देखने के बाद की गई है।”

लोकसभा चुनाव के दौरान इस कद्दावर नेता की सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हो गई थी। उसमें वह भाजपा प्रत्याशी व मंत्री एसपी सिंह बघेल से गले मिलकर उनको जीत की बधाई दे रहे थे। रामवीर उपाध्याय ने तब सफाई दी थी कि बघेल उन्हें रास्ते में मिल गए थे। उन्होंने बस हालचाल पूछकर उन्हें बधाई दी थी।

बसपा से निकाले जाने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। रामवीर के भाई मुकुल पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने ही बसपा से उन्हें निकलवाने का आरोप लगाया था।

रामवीर की पत्नी सीमा उपाध्याय को मायावती ने फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि पूरा परिवार भाजपा में जा सकता है।