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मायावती विपक्षी नेताओं की बैठक में नहीं, अखिलेश कांग्रेस को समर्थन के लिए तैयार

एग्ज़िट पोल में एनडीए को भारी बहुमत मिलने की संभावनाओं को देखने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने दिल्ली में सोमवार (20 मई) को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक न करने का फैसला लिया है।

एएनआई  की रिपोर्ट के अनुसार, पहले कहा जा रहा था कि मायावती कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगी। हालाँकि, अब इन खबरों का खंडन कर दिया गया है।

इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, “बसपा प्रमुख दिल्ली में किसी तरह की कोई बैठक नहीं कर रही हैं। वह लखनऊ में ही रहेंगी।” शनिवार को लखनऊ में चंद्रबाबू नायडू ने मायावती और फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी।

इससे पहले चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार और शरद यादव से मुलाकात की थी। सूत्रों की मानें तो यह सारी कवायद चुनाव के नतीजों से पहले तीसरे मोर्चे के लिए की जा रही है।

उनके महागठबंधन साझेदार अखिलेश यादव ने दूसरी ओर दावा किया है कि 23 मई को देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा। उन्होंने विपक्षी एकजुटता के लिए चंद्रबाबू नायडू के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि आवश्यकतानुसार सपा कांग्रेस का समर्थन कर सकती है।