समाचार
गंगा को साफ रखने के लिए केंद्र ने पश्चिम बंगाल में बनवाए दो एसटीपी, एक निर्माणाधीन

स्वच्छ और निर्बाध गंगा नदी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 31 एमएलडी और 10 एमएलडी की क्षमता के साथ पश्चिम बंगाल के भाटपारा में दो नए मलजल उपचार संयंत्र (एसटीपी) का सफलतापूर्वक निर्माण करवाया है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, गौर करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत बना 31 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी देश का पहला ग्रीन एसटीपी है, जो फिक्स्ड-बेड बायोफिल्म एक्टिवेटेड स्लज तकनीक से युक्त है।

दो एसटीपी के शुभारंभ के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार ने भाटपारा में बड़े पैमाने पर 120 किमी के सीवेज के जाल का निर्माण पूरा करवा लिया है, जो हुगली में अनुपचारित सीवेज के प्रवाह को रोकने का काम करेगा।

इसके अलावा, 16 एमएलडी की क्षमता वाले एक और एसटीपी का काम भाटपारा के पास हलिसहर में पूरा होने वाला है। एक बार जब एसटीपी पर काम 2020 के मध्य तक पूरा हो जाएगा तो यह हलिसहर से हुगली में सीवेज के सीधे प्रवाह को सुनिश्चित करेगा।