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“सरकार के खिलाफ दलितों को भड़का रहे थे माओवादी”- भीमा कोरेगांव पर पुलिस

बुधवार (13 मार्च) को महाराष्ट्र पुलिस ने बॉम्बे उच्च न्यायालय को बताया कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि माओवादियों से जुड़े लोग महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को हटाने के उद्देश्य से दलितों को लामबंद करने की कोशिश में लगे हुए थे।

पुणे के पुलिस उपायुक्त शिवाजी पवार ने बताया कि इस मामले में कोर्ट के समक्ष आरोपियों में से एक, अरुण फरेरा की ज़मानत अर्जी के खिलाफ हलफनामा दायर किया गया है। आपको बता दें कि पुलिस ने अरुण फरेरा के अलावा इस मामले में आठ और लोगों को भी गिरफ्तार किया था जिसमे वेर्नोन गोंसाल्वेस, सुधा भारद्वाज, पी वरवरा राव, गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े का नाम भी शामिल है।

हालाँकि फरेरा और गोंसाल्वेस के द्वारा दर्ज की हुई जमानत की अर्ज़ी पर बुधवार को सुनवाई होने वाली थी जिसे न्यायाधीश पीएन देशमुख ने 5 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसके अलावा पुलिस ने अभी तक गोंसाल्वेस की ज़मानत अर्ज़ी के खिलाफ कोई हलफनामा दायर नहीं किया है।

पुलिस ने अरुण फरेरा की ज़मानत अर्ज़ी के खिलाफ हलफनामे में बताया था कि वह और अन्य आरोपी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं। पुलिस का कहना है कि ये लोग अपनी अपनी अवैध गतिविधियों से वैध रूप से स्थापित सरकार को हटाने का प्रयास कर रहे थे।