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मानेसर भूमि घोटाला- आठ निजी बिल्डरों व पाँच संस्थाओं के विरुद्ध नया आरोप पत्र दायर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के मानेसर भूमि सौदे घोटाले में आठ निजी बिल्डरों और पाँच संस्थाओं के खिलाफ दूसरी अनुपूरक चार्जशीट दायर की।

एजेंसी ने रविवार (7 जून) को कहा, “कारोबारी अतुल बंसल, उनकी पत्नी सोना बंसल, शशिकांत चौरसिया, दिलीप लालवानी, वरिंदर उप्पल, विजय उप्पल, विनी उप्पल, और रविंदर तनेजा के नाम आरोप-पत्र में रखे गए हैं।”

मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम 2002 के तहत दर्ज मामले के आरोप-पत्र में एबीडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, टीडीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, विजडम रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड और एबी रेफकन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड जैसी नामित फर्म हैं। इस मामले में 108.79 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की भी शामिल है।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इस मामले की जाँच के दायरे में हैं। सीबीआई ने 2018 में दायर अपनी चार्जशीट में उनका नाम पहले लिया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि हरियाणा सरकार ने 25 अगस्त-2005 को गुड़गाँव जिले के मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला में औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने के लिए लगभग 912 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए एक अधिसूचना जारी की थी।

बड़ी संख्या में भूस्वामियों को जल्दबाजी में लगभग 400 एकड़ जमीन निजी बिल्डरों को बेचनी पड़ी थी। इससे इन गाँव के किसानों को 1,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और बिल्डरों को लाभ हुआा था। जाँच में पाया गया कि बिल्डरों और निजी संस्थाओं ने अधिग्रहण की आशंकाओं के बीच किसानों और भूमि मालिकों से ज़मीनें खरीदी थीं।

जाँच में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर भूमि एबीडब्ल्यूआईएल ग्रुप द्वारा खरीदी गई थीं। इसे अंतुल बंसल चलाते थे। ईडी ने बयान में कहा कि कंपनी ने बाद में निजी व्यक्तियों और डेवलपरों को लाइसेंस और बिना लाइसेंस वाली ज़मीन बेच दी और भारी मुनाफा कमाया। इस मामले में आगे की जाँच जारी है।