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ममता बनर्जी का हिंदू वोटों हेतु प्रयास? मंदिर में पूजा, अल्पसंख्यक अतिवाद की चेतावनी

कूच बिहार में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बिना किसी व्यक्ति या समूह का नाम लिए लोगों को अल्पसंख्यक अतिवाद के खिलाफ चेतावनी दी है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बनर्जी ने तृणमूल कार्यकर्ताओं से कहा, “मैं देख रही हूँ कि अल्पसंख्यकों के बीच में कुछ अतिवादी सोच के लोग भी हैं। इनका मुख्यतः आधार हैदराबाद में हैं। कृपया इनकी मत सुनिए।”

इस संबोधन के बाद ममता बनर्जी सीधे मदन मोहन मंदिर पहुँची जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना भी की। मंदिर पहुँचकर पूजा करने से पूर्व ममता राजबरी मैदान के राश मेला भी गईं।

राजनीतिक विचारकों की मानें तो ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक अतिवाद वाला बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 2019 के चुनावों में मिली सफलता को देखते हुए आया है जिसका मकसद हिंदुओं को बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आकर्षित करने का है।

ममता बनर्जी द्वारा मदन मोहन मंदिर में पूजा-अर्चना को भी हिंदू वोटों के आकर्षित करने के प्रयास की तरह देखा जा रहा है क्योंकि कूच बिहार में बंगाली और राजबंशी अधिक हैं।

अपने भाषण में बनर्जी ने पार्टी के लोगों से भाजपा का सामना करने के लिए एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा, “मैं तृणमूल के नेताओं से अपील करती हूँ कि एकजुट रहें और भाजपा से मिल रही चुनौतियों का सामना करें। तृणमूल के नेता एक दूसरे के खिलाफ जो कुछ भी बोल रहे हैं इन सभी बातों पर विराम लगना चाहिए।”

अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए वे बोलीं, “हमारे कार्यकर्ता ही हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हैं। मैं सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहती हूँ कि नेताओं के लिए काम मत करो बल्कि इस झंडे के लिए काम करो। मुझे खुशी है कि तृणमूल के विधायक और पार्षद मिलकर काम कर रहे हैं। इसी तरह यदि पहले काम हुआ होता तो हम कोई भी सीट नहीं हारते।”।