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आत्मसमर्पण करते ही राजीव कुमार को जमानत, अब सर्वोच्च न्यायालय जाएगी सीबीआई
आईएएनएस - 4th October 2019

शारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार करीब 20 दिनों तक सबकी नज़रों से दूर रहने के बाद सार्वजनिक हुए। उन्होंने गुरुवार को अलीपुर अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा, “राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी नहीं है।” इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी गई।

कुमार ने कोलकाता उच्च न्यायालय में बीते मंगलवार को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसकी स्वीकृति दे दी गई थी। इसके दो दिन बाद उन्होंने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुब्रत मुखर्जी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

उन्हें आखिरी बार 13 सितंबर को कोलकाता उच्च न्यायालय में सार्वजनिक रूप से देखा गया था, जिसने उस दिन न्यायपालिका द्वारा उन्हें दी गई गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली थी। उसके बाद से वह जाँच एजेंसी के सामने पेश नहीं हो रहे थे। सीबीआई ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कई बार नोटिस भेजे थे।

सीबीआई उन्हें हिरासत में रखकर घोटाले को लेकर पूछताछ करना चाहती थी। इसके लिए 12 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई थी। उसने होटलों, गेस्ट हाउसों, सरकारी कार्यालयों, बंगलों और यहाँ तक ​​कि एक निजी अस्पताल में भी छापे मारे पर उनका कोई पता नहीं चला।

अब कोलकाता उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सीबीआई सर्वोच्च न्यायालय जाने पर विचार कर रही है। फिलहाल, अभी पश्चिम बंगाल सीआईडी में अतिरिक्त महानिदेशक पद पर तैनात हैं।