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न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद भी रथ यात्रा की राह आसान नहीं, ममता की चुनौती

गुरुवार (20 नवंबर) को कलकत्ता उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद भी भाजपा की रथ यात्रा में ममता सरकार लगा अड़ंगे रही है। न्यायालय ने तीन ‘गणतंत्र बचाओ’ यात्राओं को अनुमति देते हुए प्रशासन को कानून व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए हैं।

इस अनुमति के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मुख्य न्यायाधीश की डिविज़न बेंच (विभाग पीठ) की ओर रुख किया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकाकी पीठ द्वारा दी गई अनुमति को चुनौती देते हुए ममता सरकार ने आशंका जताई है कि भाजपा की रथ यात्रा से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

यदि भाजपा को मिली अनुमति बनी रहे तो पहली रछ यात्रा 22 दिसंबर को कूच बिहार से शुरू होगी, जागरण  ने बताया। लेकिन इससे पहले आज (21 दिसंबर को)  यह मामला मुख्य न्यायाधीश पीठ के समक्ष रखा जाएगा।

अनुमति देने के साथ न्यायालय ने यात्रा के दौरान किसी भी संपत्ति के नुकसान की ज़िम्मेदारी भाजपा की होने के निर्देश दिए हैं। यातायात व्यवस्था व पुलिस व्यवस्था के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।