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“भगोड़ा” नाम पसंद नहीं तो वापस आ जाएँ विजय माल्या-बॉम्बे उच्च न्यायालय

शुक्रवार (1 मार्च) को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने विजय माल्या के लिए कहा है कि अगर वो अपने नाम से “भगोड़ा” की उपाधि हटाना चाहते हैं तो उन्हें भारत वापस आना होगा और न्यायालय में पेशी देनी होगी। 9,000 करोड़ का घोटाला कर भागे विजय माल्या  पर लम्बे समय से कार्यवाही चल रही है और विजय माल्या को भारत में पेशी नहीं दे रहे हैं। 5 जनवरी को एक विशेष  अदालत में सुनवाई के दौरान माल्या को “भगोड़ा” घोषित कर दिया था जिसके बाद माल्या ने न्यायालय के खिलाफ केस दर्ज किया।

बॉम्बे उच्च न्यायलय ने माल्या को एक और मौका देते हुए भारत में हो रही सुनवाई में पेशी देने के लिए कहा है। वही माल्या की तरफ से सुनवाई कर रहे वकील अमित देसाई ने कहा है कि माल्या को “भगोड़ा” घोषित कर देने से और उनकी संपत्ति जो कि बैंकों से उधार लिए गए धन से खरीदी गई  है उसे ज़ब्त कर लिया जाएयगा। “माल्या ने उधार ली हुई हज़ारों करोड़ो की संपत्ति को वापस करने का फैसला किया है” अमित देसाई ने कहा।

अमित देसाई ने अपने बयान में यह भी कहा की माल्या भारत आना चाहते थे लेकिन यूके में रुके हुए मामले के चलते वहां की सरकर उन्हें भारत आने नहीं दे रही है।