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महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई जाँच के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार (6 अप्रैल) को बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। दरअसल, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की सीबीआई जाँच के निर्देश दिए गए थे।

राज्य सरकार द्वारा दायर की गई अपील के साथ महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की एक अपील भी दायर की गई। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने सोमवार (5 अप्रैल) को सीबीआई से कहा था कि वह पिछले महीने परमबीर सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दों पर 15 दिनों के भीतर प्रारंभिक जाँच पूरी करें।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 31 मार्च को परमबीर सिंह की याचिका और इस मुद्दे से जुड़ी कुछ अन्य जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपने आदेश को सुरक्षित रख लिया था।

परमबीर सिंह ने अपने स्थानांतरण के कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्होंने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को 100 करोड़ रुपये महीने की वसूली करने का लक्ष्य दिया था।

बता दें कि कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के आरोप के बाद पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार (5 अप्रैल) को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना त्याग-पत्र भेज दिया था।