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केंद्र के सुझाव से भी नहीं ले रही है महाराष्ट्र सरकार सीख, दिल्ली में नाइट कर्फ्यू की घोषणा

केंद्र सरकार ने दो सप्ताह पूर्व महाराष्ट्र राज्य सरकार से साफ कहा था कि सप्ताहांत लॉकडाउन जैसे उपाय कोविड-19 के प्रसार को रोकने में शायद ही कारगर साबित हो सकते हैं। उधर, दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार ने नाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।

इंडियन एक्सप्रेस को सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि कैबिनेट सचिव की बैठक के दौरान महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को काफी समय मिला था लेकिन किसी ने भी सप्ताहांत लॉकडाउन को लागू करने पर चर्चा नहीं की थी। असलियत में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 15 मार्च को महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को पत्र लिखा था और जोर देकर कहा था कि जिला प्रशासन को सख्त और प्रभावी नियंत्रण रणनीति को लागू करने पर ध्यान देना चाहिए।

हालाँकि, महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कदम का बचाव किया था। केंद्र ने यह भी चेतावनी थी कि स्वास्थ्य ढाँचा पर्याप्त समय के साथ सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। राज्य सरकारों को विशेष रूप से नियंत्रण क्षेत्रों में अधिक सक्रिय होने, उनमें से हरेक के लिए एक परिचालन योजना विकसित करने, इसके गठन की प्रतिदिन समीक्षा करने और लगातार निगरानी टीमों को प्रशिक्षित करने की बात कही गई थी।

बता दें कि रविवार (4 अप्रैल) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रात के दैनिक कर्फ्यू और सप्ताहांत लॉकडाउन की घोषणा की थी।

उधर, दिल्ली में नाइट कर्प्यू तत्काल प्रभाव से 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। यह रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अभी लॉकडाउन लागू करने के बारे में विचार नहीं किया गया है।” वहीं, सरकार ने अपने कई अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित बेडों की संख्या बढ़ाने का सोमवार को एक आदेश जारी किया।