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मध्य प्रदेश में बहुमत परीक्षण से पहले राज्यपाल को कमल नाथ ने सौंपा त्याग-पत्र

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार शाम को होने वाले बहुमत परीक्षण से पहले ही त्याग-पत्र देने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा, “वह राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे देंगे।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, कमलनाथ राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने राजभवन पहुँच चुके हैं। इससे पूर्व, उन्होने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “राज्य की जनता ने मुझे पाँच साल सरकार चलाने का बहुमत दिया था लेकिन भाजपा ने प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है। जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।”

रिपोर्ट के अनुसार, कमलनाथ के इस्तीफे के बाद भाजपा की एक बार फिर विधायक दल की बैठक होगी। इसमें नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का इस्तीफा होगा और उसके बाद नए नेता का चुनाव किया जाएगा। भाजपा के सभी विधायकों अभी थोड़ी देर में विधानसभा पहुँचेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “राज्य के इतिहास में एकसाथ इतने विधायकों के इस्तीफे कभी नहीं हुए। मैंने दुखी मन से सभी के इस्तीफे स्वीकार किए। अभी तक कुल 23 विधायकों के इस्तीफे स्वीकारे जा चुके हैं।”