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जावेद अख़्तर ने शिवसेना को दिया जवाब, बुर्क़े के साथ घूँघट पर भी लगे प्रतिबंध

बॉलीवुड के प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख़्तर ने कहा, “उन्हें बुर्क़े पर प्रतिबंध लगने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन केंद्र सरकार राजस्थान में लोकसभा चुनाव के लिए छह मई को होने वाले मतदान से पहले घूँघट प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाए।”

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जावेद अख़्तर का यह बयान तब आया, जब शिवसेना ने देश में बुर्के़ पर प्रतिबंध लगाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की थी। उसने अपने मुखपत्र सामना में संपादकीय लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी से सवाल, रावण की लंका में हुआ, राम की अयोध्या में कब होगा? संपादकीय में लिखा गया था कि श्रीलंका में राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत ऐसा किया गया है। राष्ट्रहित के लिए भारत में भी बुर्क़ा और नक़ाब पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

जावेद अख़्तर ने कहा, “भारत में अगर बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने का कानून लाना चाहते हैं और अगर यह किसी की राय है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, केंद्र सरकार को राजस्थान में आखिरी मतदान हो जाए, उससे पहले यह घोषणा करनी चाहिए कि राजस्थान में कोई घूँघट नहीं कर सकता है। मुझे खुशी होगी कि घूँघट हट जाए और बुर्क़ा भी।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे बुर्के़ के बारे में बहुत कम जानकारी है क्योंकि मेरे परिवार में कामकाजी महिलाएँ थीं। इस वजह से मैंने तो कभी अपने घर में बुर्क़ा देखा नहीं। इराक बड़ा कट्टर मुस्लिम देश है लेकिन वहाँ पर औरतें चेहरे को ढकती नहीं हैं। श्रीलंका में जो कानून आया है, उसमें है कि आप चेहरा ढक नहीं सकते हैं। बुर्क़ा पहनो लेकिन चेहरा ढका हुआ नहीं होना चाहिए। ये उन्होंने कानून में डाला है।”