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लंदन में अनुच्छेद 370 के विरोध में पाकिस्तानी और खालिस्तानियों का भारतीयों पर हमला

जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में लंदन के भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन कर रहे ब्रिटिश पाकिस्तानी और खालिस्तानी अलगाववादी गुरुवार को हिंसक हो गए थे। उन्होंने शांति से स्वतंत्रता दिवस मना रहे भारतीयों पर अंडे, ग्लास, बोतल और जूते फेंककर हमला बोल दिया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने मामला बिगड़ता देख दोनों पक्षों को दूर रखने और भारतीय को हमले में सुरक्षित रखने की कोशिश की। फिर भी फेंकी गई चीजों से कुछ लोग घायल हो गए थे। वहाँ पर स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए गए कई भारतीयों परिवारों को अपने बच्चों के साथ कुछ घंटे तक खड़े रहना पड़ा था। पुलिस को विरोध कर रहे लोगों को हटाने और रास्ता साफ करने में समय लग गया था।

लंदन के मेयर सादिक खान की इस मामले को लेकर काफी आलोचना हुई है। कहा गया कि जब उन्हें पता था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है तो उन्होंने सुरक्षा के सारे बंदोबस्त क्यों नहीं करवाए।

फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी इंटरनेशनल के अम्बर जय शाह ने कहा, “बड़े दुख की बात है कि लंदन में कानून-व्यवस्था विफल हो गई। जब ट्रंप ने कहा था कि यह विफल हो रहा है, तो वह सही था। इस पूरी विफलता के लिए मैं लंदन के मेयर सादिक खान को दोषी मानता हूँ। उन्हें पता था कि कितने प्रदर्शनकारी आ रहे हैं। उन्हें उनमें से कुछ पर प्रतिबंध लगाना चाहिए था। हमने वहाँ हिंसा, धमकी और दुर्व्यवहार के सिवा कुछ नहीं देखा था।”

कहा जा रहा है कि पहले से ही विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। लंदन की कई जगहों से प्रदर्शनकारियों की बसों को लाया गया था, ताकि हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।