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लॉकडाउन से 29 लाख लोगों में कोविड-19 संक्रमण और 78,000 लोगों की जान बची

सरकारी आँकड़ों का खुलासा करते हुए नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने शुक्रवार (22 मई) को जानकारी दी कि लॉकडाउन के पहले और दूसरे चरण के लागू होने की वजह से 14 लाख से 29 लाख कोविड-19 संक्रमित मामलों और 37,000 से 78,000 लोगों की होने वाली मौत की आशंकाओं को टाल दिया गया।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन के चरणों के लाभ की गणना करते हुए विशेषज्ञों के आँकड़े पेश करते हुए डॉक्टर पॉल ने बताया, “भले ही इसको लेकर विभिन्न एजेंसियों ने विश्लेषण किया हो लेकिन परिणामों से यही निकलकर आ रहा है कि लॉकडाउन इस महामारी के फैलने की रफ्तार को धीमा करने में कामयाब रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा, “सभी विश्लेषणों से निकले आँकड़ों में करीब 95 प्रतिशत का यही कहना है, जो यह साबित करता है कि लॉकडाउन की वजह से देश सही रास्ते पर चल रहा है।”

डॉक्टर पॉल द्वारा शुक्रवार को सार्वजनिक किए आँकड़ों में करीब पाँच अलग-अलग एजेंसियों के विश्लेषण का परिणाम था। प्राप्त आँकड़ों से यह भी पता चलता है कि संक्रमण एक सीमित क्षेत्र तक ही रहा। इससे कोरोनावायरस के करीब 80 प्रतिशत मामले पाँच राज्यों और 90 प्रतिशत 10 राज्यों तक सीमित हैं।

10 राज्यों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक हैं। इसके अतिरिक्त 70 प्रतिशत मामले केवल 10 शहरों मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, इंदौर, कोलकाता, हैदराबाद और औरंगाबाद तक सीमित रहे।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के पूर्व निदेशक डॉक्टर एसी धारीवाल ने रिपोर्ट के हवाले से कहा था, “लॉकडाउन का प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए था कि हमारे स्वास्थ्य तंत्र पर बोझ न आए। अब यह भार लोगों पर है कि वे लॉकडाउन से मील लाभ को बनाकर रखें।”