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कोलकाता में डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका गया, शिकागो में दो प्रदर्शनकारी मारे गए

कोलकाता के एस्पलेनेड में एक वामपंथी समूह ने मिनेसोटा के एक पुलिस अधिकारी के हाथों अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू किया। उधर, अमेरिका में शिकागो के उपनगर सिसेरो में विरोध प्रदर्शन के दौरान दो लोग मारे गए।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, वामपंथी समूह को सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के रूप में पहचाना गया है। उसने अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला जलाया और उनके प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाए।

प्रदर्शनकारी कोलकाता के केंद्र एस्पलेनेड में कथित रूप से ट्रम्प प्रशासन द्वारा देश में कथित नस्लीय अत्याचारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। संयोग से यह पहली बार नहीं है, जब भारत में लोगों ने अमेरिका में होने वाली घटनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया हो। इससे पूर्व, मुंबई के कुछ लोगों के समूह ने एक मार्च निकाला था, जो अमेरिका के सख्त बंदूक कानूनों की मांग पर केंद्रित था।

उधर, बीबीसी के हवाले से सिसेरो शहर के अधिकारी रेयान हनानिया ने बताया, “60 लोगों को सोमवार (1 जून) को गिरफ्तार किया गया लेकिन मारे गए लोगों और उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई।” पुलिस ने लोगों को घर पर रहने का आग्रह किया है।

दंगों और प्रदर्शन के दौरान इंडियानापोलिस, डेट्रायट और ऑकलैंड में गोलाबारी से करीब तीन लोगों की मौत हो गई। उधर, जॉर्ज की हत्या की घटना में शामिल सभी चार पुलिस अधिकारियों को निकाल दिया गया और शॉविन पर थर्ड डिग्री मर्डर व हत्या का आरोप लगाया गया है।