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पिछले छह वर्षों में 30,000 चिकित्सा सीटें जोड़ी गईं, 10,000 सीटें और जोड़ेंगे- केंद्र

बीते छह वर्षों में चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों में 29,185 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्यय मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार वर्तमान में भारत केेेेे 539 सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस की 10,000 सीटें बढ़ाने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) लागू करेगी।

एनडीटीवी के अनुसार केंद्रीय राज्य मंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण अश्विनी कुमार चौबे ने सरकार के इस कदम की जानकारी दी।

सीएसएस योजना के अंतर्गत सरकार 26 नए सरकारी चिकित्सा संस्थान को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के मौजूदा जिला/रेफरल अस्पतालों से जोड़कर शुरू करेगी।

विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा (एफएमजीई) देश के बाहर मेडिकल डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए एक पात्रता जाँचने की परीक्षा है।

एफएमजीई पर पूछे गए सवालों पर अश्विनी चौबे नेे कहा कि पिछले चार वर्षों में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा 61,708 उम्मीदवारों के लिए एफएमजीई परीक्षा को आयोजित कराया गया, जिसमें से 8,764 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।

एफएमजीई में छात्रों की अति-गहन स्थति के बारे में पूछे जाने पर चौबे ने कहा, “विदेशी देशों के चिकित्सा संस्थान/ विश्वविद्यालय भारतीय छात्रों को उचित मूल्यांकन के बिना या छात्रों की शैक्षणिक क्षमता की जाँच किए बगैर स्वीकार करते हैं, जिसके परिणामस्वरुप कई छात्र एफएमजीई उत्तीर्ण करने में असफल होते हैं।”

उन सभी राष्ट्रों में जहाँ भारतीय छात्र चिकित्सा पाठ्यक्रम का अध्ययन करते हैं, बहुमत से रूस और यूक्रेन के बाद चीन जाते हैं। हालाँकि, 15 प्रतिशत परीक्षा को पास करने में सक्षम होते हैं, जो देश में चिकित्सक बनने के लिए पात्रता परीक्षा है।