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बुलेट ट्रेन के लिए गुजरात में 95% और महाराष्ट्र में 23% से अधिक भूमि का अधिग्रहण

1.08 लाख करोड़ रुपये की मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखने के बाद नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारियों ने कहा कि गुजरात में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए ज़रूरी लगभग 95 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है, जबकि महाराष्ट्र में यह 23 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 508 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिए कुल 1396 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें से 956 हेक्टेयर गुजरात में, 8 हेक्टेयर दादरा व नगर हवेली (डीएंडएनएच) और 432 हेक्टेयर महाराष्ट्र में है।

7 फरवरी तक कुल 1,013 हेक्टेयर (72.57 प्रतिशत) का अधिग्रहण हो चुका है। इसमें से 904 हेक्टेयर गुजरात में, 7.65 हेक्टेयर डीएंडएचएच और 101 हेक्टेयर महाराष्ट्र में है।

बुलेट ट्रेन मार्ग पर आने वाले गुजरात के आठ जिलों में से खेड़ा और वलसाड में करीब 99 प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा होने के करीब है। इन दो जिलों में एनएचएसआरसीएल का कहना है कि निजी भूखंडों का 100 प्रतिशत अधिग्रहण है। नवसारी (81 प्रतिशत) और वडोदरा (88 प्रतिशत) के जिलों का वर्तमान में गुजरात में सबसे कम अधिग्रहण है। सिर्फ 84 प्रतिशत और 77 प्रतिशत निजी भूखंडों को क्रमशः नवसारी और वडोदरा में अधिग्रहित किया गया है।

इसकी तुलना में उपनगरीय मुंबई में भूमि अधिग्रहण शुरू होना बाकी है, जहाँ 4.82 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। पालघर और ठाणे में अधिग्रहण क्रमशः 13 प्रतिशत और 44 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।

कंपनी ने कहा, “कुछ जिलों में मुआवज़ा राशि या सामान्य रूप से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के बारे में कुछ भ्रम की स्थितियाँ हैं। हमारे प्रतिनिधि और एनएचएसआरसीएल के अधिकारी इनको दूर करने की कोशिश कर रहे।”

कंपनी ने  निजी भूमि धारकों को मुआवज़े के रूप में 5,300 करोड़ रुपये दिए। इसमें से 4,400 करोड़ रुपये गुजरात और डीएंडएनएच में किसानों को दिए , जबकि 900 करोड़ रुपये महाराष्ट्र में दिए गए।