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लाहौर उच्च न्यायालय ने पाकिस्तानी सेना को फटकार लगा भूमि हड़पने वाला बताया

पाकिस्तान की सेना को फटकार लगाते हुए लाहौर के उच्च न्यायालय ने उसे देश की सबसे ज्यादा भूमि हड़पने वाला करार दिया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद कासिम खान ने पाकिस्तान सेना को कहा कि यह वर्दी देश की सेवा के लिए है ना कि एक राजा के रूप में शासन करने के लिए।

न्यायालय ने दबाव डालते हुए कहा कि हम पाकिस्तान की सेना के बारे में कुछ भी गलत नहीं करना चाहते हैं लेकिन जिस तरह से लोगों की संपत्तियों पर कब्जा किया गया है, वह भूमि हथियाने के अलावा और कुछ नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश खान ने तीन पाकिस्तानी नागरिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ी आलोचना और टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (डीएचए) के खिलाफ आदेश दिया कि वे भूमि पर कानूनी अधिग्रहण न करें। डीएचए पाकिस्तान सेना के तहत कार्य करता है।

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी खेद व्यक्त किया कि पाकिस्तान सेना ने लाहौर उच्च न्यायालय के स्वामित्व वाली भूमि का एक टुकड़ा भी हड़प लिया था। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय के रजिस्ट्रार को इस संबंध में थल सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा को पत्र लिखने का निर्देश देंगे।