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गणतंत्र दिवस पर पहली बार लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत दर्शाने वाली निकलेगी झाँकी

इस बार गणतंत्र दिवस परेड में लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के प्रतिष्ठित थिकसे मठ और वहाँ की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली एक झाँकी निकालने की तैयारी चल रही है।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश की झाँकी में प्रमुख रूप से ऐतिहासिक थिकसे मठ को दिखाया गया है, जो लेह जिले के थिकसे में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इसको क्षेत्र के सबसे अधिक देखे जाने वाले पर्यटक स्थलों में गिना जाता है।

यह लद्दाख के कार्बन-तटस्थ होने की दृष्टि पर भी प्रकाश डालेगा। यह लेह के पास हानले में स्थित भारतीय खगोलीय वेधशाला का भी प्रदर्शन करेगा। वेधशाला प्रकाश संबंधी, अवरक्त और गामा-रे दूरबीनों के लिए दुनिया की सबसे ऊँची साइटों में से एक है।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर कुल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके रंगीन और जीवंत झाँकी के माध्यम से राजपथ पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न मंत्रालयों और तीन सशस्त्र बलों के पास भी अपनी खुद की झाँकी होगी। इनमें संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक झाँकी भी शामिल होगी, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए सैनिकों के रूप में कपड़े पहने पुरुष और महिलाएँ भी शामिल होंगी।