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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत के मामले में कुलदीप सेंगर समेत सात दोषी

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में दिल्ली की तीस हजारी न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया है। उनके अलावा छह आरोपियों को और दोषी करार दिया गया है।

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय ने कुलदीप सेंगर को धारा 120 बी के तहत दोषी माना है। वहीं, चार आरोपियों को सुबूतों की कमी की वजह से बरी कर दिया गया है। इस मामले में 12 मार्च को न्यायालय सजा सुनाएगी। इससे पूर्व, न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सेंगर को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी।

न्यायालय ने कहा, “दुष्कर्म पीड़िता के पिता को इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि उनकी मौत हो गई। उनके शरीर पर 18 ज़ख्म के निशान थे। आप (कुलदीप) क्या कहना चाहेंगे। आपने तकनीक का अच्छा इस्तेमाल किया।” इस मामले में सीबीआई ने कुल 55 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज करवाए थे। इनमें पीड़िता के चाचा, माँ, बहन के साथ पिता के सहकर्मी भी शामिल थे।

कुलदीप सेंगर सहित दोषियों में अशोक सिंह भदौरिया (एसएचओ), कामता प्रसाद सिंह (सब इंस्पेक्टर), जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह, विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा, बीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंह, शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंह के नाम शामिल हैं। वहीं, कॉन्स्टेबल अमीर खान, राम शरण सिंह उर्फ सोनू सिंह, शैलेंद्र सिंह उर्फ टिंकू सिंह और शरदवीर सिंह को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में नौ अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी। इस मामले की सुनवाई को अन्य मामलों के साथ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली की तीस हजारी न्यायालय स्थानांतरित किया गया था। सीबीआई के मुताबिक, तीन अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता व आरोपी शशि प्रताप सिंह के बीच झगड़ा हुआ था।