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कोलकाता उच्च न्यायालय- “बंगाल सरकार राज्य प्रायोजित सीएए विरोधी विज्ञापन हटाए”

सोमवार (23 दिसंबर) को कोलकाता उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी पर राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित सभी विज्ञापनों को हटाए।

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार कोलकाता उच्च न्यायालय ने ऐसे सभी विज्ञापनों को हटाने और 9 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक इस तरह की सभी गतिविधियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

इससे पहले बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता सरकार पर आरोप लगाते हुए एनआरसी और सीएए के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को करदाताओं के पैसों की बर्बादी करार देते हुए इसे संविधान के विरुद्ध बताया था।

इन विज्ञापनों की सहायता से कथित तौर पर प्रचारित किया गया था कि राज्य में सीएए और एनआरसी को लागू नहीं किया जाएगा। यह पहले ही कई लोगों द्वारा खारिज कर दिया गया है क्योंकि सीएए एक केंद्रीय विषय है और राज्य सरकार का इससे कोई संबंध नहीं है।

अमित शाह द्वारा जिस एनआरसी की बात कही गई थी, अभी तक केंद्र सरकार ने उसका प्रारूप तैयार नहीं किया है।