समाचार
कोलकाता की दुर्गा पूजा यूनेस्को धरोहर सूची में शामिल होने के लिए हुई नामित
बंगाल की दुर्गा पूजा से नदारद है ‘पूजा’

कोलकाता की दुर्गा पूजा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) धरोहर की 2022 की सूची में नामित किया गया है। इस सूची में दुनियाभर की उन सभी सांस्कृतिक परंपराओं को शामिल किया जाता है, जिन्हें संरक्षणीय होती हैं। इस बात की जानकारी संगीत नाटक अकादमी ने दी, यह अकादमी केंद्रीय संस्कृतिक मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया।

संगीत नाटक अकादमी की वेबसाइट के अनुसार यूनेस्को की इस मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रतिनिधि वाली इस सूची को तैयार करता है। जिसमें इस बार कोलकाता की दुर्गा पूजा को शामिल किया गया है। इस सूची में पहले से ही भारत की 13 सांस्कृतिक परंपराएँ शामिल हैं।

इस सूची में योगा को 2016 में शामिल किया गया था और कुंभ मेला विश्व धरोहर का हिस्सा 2017 में बना था।

इस साल इस सूची में सोवा-रिग्पा को भी शामिल किया गया है, जोकि एक तरह की तिब्बती शिक्षा पध्दति है।

अकादमी के लिए नामांकन फाइल तैयार करने में पांच सदस्सीय दाल का नेतृत्व करने वाली प्रोफेस्सर तपनी गुहा ठाकुता का इस विषय पर कहना है “कोलकाता की दुर्गा पूजा ने कला के क्षेत्र में एक विशेष मुकाम हासिल किया है, किसी अन्य त्यौहार में ऐसा नहीं होता, जहां आधुनिक कलाकार और डिजाइनर एक साथ आकर एक नई कला प्रस्तुत करते हैं, जो इसे एक अनूठा आयाम देता है”।