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बांग्लादेश के छह गश्ती जहाज़ों के लिए गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने वैश्विक निविदा प्राप्त की

बांग्लादेश को छह गश्ती जहाज़ों की आपूर्ति करने के लिए कोलकाता आधारित सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) ने अनुबंध प्राप्त करके एक और मील का पत्थर प्राप्त किया है।

यूरोप और एशिया के जहाज़ निर्माताओं के विरुद्ध 18 लाख डॉलर का अनुबंध प्राप्त करने के लिए जीआरएसई ने सफलतापूर्वक बोली लगाई थी।

बांग्लादेश इन जहाज़ों का उपयोग अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियों पर अंकुश लगाने, बचाव कार्यों और समुद्री निगरानी के लिए करेगा।

जीआरएसई ने भारत का पहला स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस अजय बनाया और इसे 1961 में भारतीय नौसेना को सौंप दिया था। यह युद्धपोत निर्यात वाला पहला भारतीय शिपयार्ड था।

इसने सेशेल्स नौसेना के लिए एक तेज़ गश्ती जहाज़ भी बनाया। यह नेपाल, भूटान, म्यांमार और श्रीलंका को पूर्वनिर्मित स्टील पुलों का निर्यात कर रहा है।

1960 से भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए 104 से अधिक युद्धपोत और जहाज़ों का जीआरएसई ने निर्माण किया है। 2019-20 में रिकॉर्ड 12 माह में छह युद्धपोत बनाने की उपलब्धि भी प्राप्त की है।

मिनी रत्न रक्षा पीएसयू के रूप में नामित शिपबिल्डर ने पनडुब्बी रोधी युद्धपोत और लैंडिंग क्राफ्ट उपयोगिता जहाज़ों का 90 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल किया है।