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केरल- एनआरसी कार्यकर्ता समझ आशा पर हमला, सीएए समर्थकों का पीने का पानी रोका

केरल के इरुक्कुज़ी में एक मुस्लिम परिवार द्वारा एक वरिष्ठ अधिकृत सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) और एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को गलती से सीएए-एनआरसी के अधिकारी समझकर उनकी पिटाई कर दी गई।

यूएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार माहेश्वरी के रूप में पहचाने गए अधिकृत सामाजिक कार्यकर्ता सैनुद्दीन के घर का दौरा कर रहे थे जहाँ उन्हें पीटा गया जिसके बाद उन्हें गुरुवार (23 जनवरी) को कदक्कल के तालुक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए घरों का सर्वेक्षण कर रहे थे जबकि जनम टीवी सहित अन्य स्रोतों ने कहा है कि वे वास्तव में पोलियो रोधी अभियान चलाने वाले अधिकारी थे।

सैनुद्दीन और उनके परिवार के सदस्यों को अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

वहीं दूसरी ओर जनम टीवी की रिपोर्ट के अनुसार केरल के ही कुट्टिपुरम में हिंदुओं के बहुल वाले क्षेत्र के गरीब निवासियों को केंद्र सरकार के सीएए लागू करने के निर्णय का समर्थन करने के कारण पीने के पानी से वंचित कर दिया गया।

रिपोर्ट में दावा किया गया कि इलाके में रहने वाला एक व्यक्ति उन्हें पीने का पानी उपलब्ध कराता था लेकिन जब उसे पता लगा कि परिवार सीएए का समर्थन करता है तो उसने पीने का पानी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि बाद में सेवा भारती के कार्यकर्ताओं ने निवासियों के बचाव में सामने आए और परिवार को पीने का पानी उपलब्ध कराया।

आपको बता दें कि सीएए के लागू होने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे जिसके पीछे कट्टरपंथी इस्लामी समूह पीएफआई का हाथ था। इसके अलावा खुद केरल की कम्युनिस्ट सरकार इस अधिनियम का जमकर विरोध कर रही है और उसने प्रण लिया है कि यह कानून केरल में लागू नहीं होगा।