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केरल और पंजाब सरकार ने ज़रूरी वस्तुओं में किया शराब को शामिल, बंदी से रहेंगे मुक्त

कोरोनावायरस के कहर के बीच पंजाब और केरल में शराब की बिक्री जारी रहेगी। इन राज्यों ने सभी प्रकार के पेय पदार्थों को जरूरी वस्तुओं के रूप में वर्गीकृत कर लॉकडाउन की प्रतिबद्धता से उन्हें मुक्त किया है।

टीओआई की रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार के निर्णय को सही बताते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार (23 मार्च) को कोविड-19 से पैदा हुई अजीब-ओ-गरीब स्थिति और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक कथित ट्वीट का हवाला दिया।

मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया, “मेरे पास पंजाब के मुख्यमंत्री का एक संदेश है। मैं इसे आपके लिए पढ़ूँगा… वहाँ सभी ज़रूरी सेवाएँ जारी रहेंगी। उन सेवाओं और वस्तुओं में किराने का सामान, शराब जैसी कई चीजों की सूची जारी की गई है।”

इस पर उनसे पूछा गया कि सरकार मादक पेय पदार्थों को जरूरी वस्तु के रूप में सूचीबद्ध कर सकती है? इस पर उन्होंने कहा, “राज्य में फैली अजीब-ओ-गरीब स्थिति इस तरह के उपाय की मांग करती है।”

शराब पर शुल्क से राज्य को वार्षिक करीब 2,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि 31 मार्च तक बंदी के बावजूद राज्य में शराब की दुकानों को खोलने की मंजूरी दी जाएगी।

हालाँकि, प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री के इस बाबत के किसी ट्वीट से इनकार किया। शनिवार (25 मार्च) को राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें किराने का सामान, ताज़े फल, सब्जियाँ, पीने का पानी और चारे के साथ छूट की सूची में पेय का उल्लेख किया था।

केरल में जरूरी वस्तुएँ बेचने वाली दुकानें सुबह सात से शाम पाँच बजे तक खुली रहेंगी। मुख्यमंत्री विजयन ने यह भी कहा, “लॉकडाउन के दौरान बार को खोलने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह सामाजिक दूरी बनाने के उद्देश्य को तोड़ेगा।”