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केरल सोना तस्करी के तार आतंकियों से जुड़े होने की आशंका, मुख्य कारोबारी गिरफ्तार

एनआईए ने खुलासा किया कि केरल सोने की तस्करी का मामला आतंकवादियों को धन मुहैया कराने से जुड़ा हो सकता है। गत 10 महीनों में केरल में लगभग 150 किग्रा सोने की तस्करी हुई थी।

एनआईए अदालत ने सोमवार (13 जुलाई) को प्रमुख संदिग्धों स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को 21 जुलाई तक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। एनआईए ने दोनों की हिरासत मांगी थी।

जाँच एजेंसी आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के आरोप में यूएपीए की धारा 16 और 17 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर सकती है।

कोच्चि स्थित एनआईए अदालत को बताया गया कि स्वप्ना सुरेश और सरिथ नायर, जो पहले यूएई वाणिज्य दूतावास के कर्मचारी थे, ने राजनयिक सामान की आवाजाही के बारे में सीखा। उसके बाद सोने की तस्करी करने के लिए इसे मॉडस ऑपरेंडी के रूप में इस्तेमाल किया।

एजेंसी ने एनआईए की विशेष अदालत को बताया कि आभूषण समूहों के लिए सोने की तस्करी आमतौर पर नहीं की जाती लेकिन यह संभव था कि कुछ आतंकवादी सोने का उपयोग कर रहे थे क्योंकि नकदी में लेन-देन मुश्किल हो रहा था। अभियुक्त संदीप नायर ने दावा किया कि खेप को यूएई के राजनयिक के नाम पर दिया गया था। उसका नाम राशिद अल शिमिली है। इस पर अदालत ने कहा कि राजनयिक की भूमिका की जाँच क्यों नहीं की जा रही है।

इस मामले में रविवार को एक सीमा शुल्क विशेष जाँच दल ने मलप्पुरम स्थित व्यवसायी केटी रमीज़ की गिरफ्तारी की। कस्टम अधिकारी के अनुसार, रमीज़ की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण है। उसने आरोप लगाया है कि तस्करी में शामिल एक अन्य सदस्य स्वप्न सुंदर का केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यालय से घनिष्ठ संबंध था। रमीज़ को एक निवेशक और राज्य में सोने की तस्करी का वितरक कहा जाता है।