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नेताजी को आरिफ मोहम्मद ने बताया धीरपुरुष, कहा- “नहीं था उनमें मृत्यु का भय”

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह को मनाने के लिए संस्कृति मंत्रालय में आने वाले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) ने शुक्रवार (5 मार्च) को मध्य प्रदेश के जबलपुर में एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।

संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने समारोह की अध्यक्षता की।

इस मौके पर आरिफ मोहम्मद खान ने सुभाषचंद्र बोस को धीरपुरुष बताया। उन्होंने कहा, “नेताजी को निंदा, प्रशंसा या मृत्यु का भय नहीं था। वे देश के प्रति सर्वोच्च बलिदान का एक उदाहरण हैं।”

राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, “जबलपुर के साथ उनका गहरा संबंध है और यहीं से उनके जीवन में बदलाव आया था। सुभाषचंद्र बोस युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ये सब तब हुआ, जब नेताजी के साथ न्याय नहीं हुआ और अब उनकी सरकार इसके लिए ईमानदार से प्रयास कर रही है। इसी क्रम में नेताजी की जयंती (23 जनवरी) पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई।”