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एनआईए को केरल सोना तस्करी के तार इस्लामिक संगठन पीएफआई से जुड़े मिले

एनआईए को केरल सोना तस्करी मामले के तार पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े मिले हैं। इसमें पीएफआई की भूमिका आतंकवाद विरोधी एजेंसी द्वारा दो हालिया गिरफ्तारियों के बाद सामने आई। दिल्ली दंगे में भी इस संगठन द्वारा फंडिंग करके हिंसा भड़काने की बात जाँच में सामने आई थी। अब मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन ने भी स्वीकारा है कि इसमें पीएफआई मिला हुआ था।

मुहम्मद अली इब्राहिम और मुहम्मद अली को एनआईए ने शनिवार (1 अगस्त) को उस मामले में साजिश का हिस्सा पाने के बाद पकड़ा, जिसमें केरल में पत्थरबाजी हुई थी और इससे मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की छवि को नुकसान पहुँचा था। हालाँकि, अभी यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह एम शिवशंकर से संबंधित एक निजी मामला था, जो एक वरिष्ठ अधिकारी हैं।

इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम में रमीस केटी से तस्करी का सोना गिरफ्तार किया गया जलाल एएम लेता था और उसे नियमविरुद्ध तरीके से षड्यंत्रकारियों में बाँट देता था। एनआईए ने कहा कि दोनों आरोपी अन्य गतिविधियों में भी शामिल थे।

एनआईए ने बाद में पाया कि मुहम्मद अली पीएफआई का सदस्य है। उसके खिलाफ एक प्रोफेसर की हथेली काटने के मामले में आरोप पत्र दाखिल हुआ था पर 2015 में मुकदमे के बाद वह बरी हो गया था।

गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने रविवार को छह स्थानों पर छापे मारे। इनमें एर्नाकुलम में जलाल एएम व राबिन्स हमीद के घर और मालापुरम में रमीस केटी, मोहम्मद शफी, सईद अलवी और अब्दु पीटी के घर शामिल थे।

इस दौरान दो हार्ड डिस्क, एक टैबलेट, आठ मोबाइल, छह सिम कार्ड, एक वीडियो रिकॉर्डर और पाँच डीवीडी मिलीं। बैंक पासबुक, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, यात्रा दस्तावेज और आरोपियों के पहचान पत्र समेत कई कागजात भी जब्त किए। इस सप्ताह छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह कुल 10 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।