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कश्मीर में प्रमुख अलगाववादी सैयद गिलानी को पाकिस्तान में सर्वोच्च नागरिक सम्मान

कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को हवा देने और घाटी की शांति को खत्म करने का नेतृत्व करने वाले प्रमुख अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी को पाकिस्तान ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से पुरस्कृत किया।

उधर, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के प्रदेश उप प्रधान उमर अब्दुल्ला ने संकल्प लिया है कि जब तक जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है, वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा, “मेरी पार्टी जिसने गत वर्ष केंद्र सरकार के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, उसका हमेशा विरोध करती रहेगी।”

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दावा किया जाता है कि अनुच्छेद 370 के कारण जम्मू-कश्मीर दूसरे राज्यों के मुकाबले पिछड़ा हुआ है। फिर भी कई मानव विकास सूचकांकों में इसने गुजरात जैसे विकसित राज्यों से बेहतर करके दिखाया है। उन्होंने इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करना लोगों के हित में लिया गया फैसला नहीं बल्कि यहाँ के लोगों का अपमान बताया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक के सीनेट ने सोमवार (27 जुलाई) को गिलानी को ‘निसान-ए-पाकिस्तान’ सम्मान देने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जबकि उनके नाम पर इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने का प्रस्ताव भी रखा।

जमात-ए-इस्लामी के मुस्ताक अहमद ने सीनेट के समक्ष पेश किए गए प्रस्ताव में गिलानी के निःस्वार्थ, अथक संघर्ष और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए बलिदान की बात कही थी।