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“कश्मीर के द्विपक्षीय मामले को मुस्लिम समुदाय का मुद्दा न बनाए पाकिस्तान”- यूएई

कश्मीर को अंतर-राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान की कोशिशों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्री ने इस्लामाबाद को संदेश दिया कि इस मामले को मुस्लिम उम्मा (समुदाय) का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह दो देशों के बीच का विवाद है।

यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद बिन सुल्तान अल नाहयान ने कहा, “कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है। इसे मुस्लिम उम्मा का मुद्दा बनाने की बजाय हल किया जाना चाहिए।” शेख अब्दुल्ला अपने सऊदी अरब के समकक्ष आदिल-अल-जुबैर के साथ पाकिस्तान यात्रा पर थे।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री ने कश्मीर मुद्दे पर इस्लामाबाद के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया। फिर भी उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत में यह संदेश दे दिया कि कश्मीर उम्मा की बजाए द्विपक्षीय मुद्दा है। इसे भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।

भारत ने जब जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया था, उसके बाद से लगातार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान इस मुद्दे को अंतर-राष्ट्रीय करने की कोशिश में लगे हुए हैं। वह अंतर-राष्ट्रीय समुदाए से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध कर रहे हैं। हालाँकि, पाकिस्तान को विश्व समुदाय से बेहद कम समर्थन मिला है।