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अजय पंडिता की हत्या करने वाला हिज़बुल आतंकवादी उमर मारा गया- आईजी विजय

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को जानकारी दी कि 8 जून को अनंतनाग में सरपंच अजय पंडिता की हत्या में हिज़बुल मुजाहिद्दीन (एचएम) शामिल था। हत्या में शामिल आतंकी उमर को गत सप्ताह मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने सभी असुरक्षित ग्राम प्रधानों को आगे आकर सुरक्षा की मांग करने का अनुरोध किया है।

कश्मीर पुलिस आईजी विजय कुमार ने बताया, “हत्या में एचएम शामिल था और हाल ही में मारे गए एक आतंकी उमर का नाम भी इसमें सामने आ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मारे गए आतंकी ने ही सरपंच अजय पंडिता की हत्या की थी। बैलिस्टिक फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आनी बाकी है। सरपंचों से अपील है कि जो असुरक्षित हैं, वे पुलिस को सुरक्षा के लिए सूचित करें।”

हालाँकि, पंडिता की हत्या की पाकिस्तान समर्थित तहरीक प्रतिरोध मोर्चा (टीआरएफ) ने बाद में जिम्मेदारी ली थी। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, पंडिता गत 24 वर्षों से कश्मीर में रह रहे थे और उन्हें बहुत पहले भी निशाना बनाया जा सकता था। हत्या को लेकर कश्मीरी पंडित संगठन न्यायिक जाँच की मांग कर रहे हैं।

सीबीआई जाँच की मांग के लिए सोमवार (15 जून) को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। दोस्त द्वारा दायर की याचिका में कहा गया कि पंडिता अल्पसंख्यक कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्य थे, जो 1989 से अब तक घाटी में सताए गए। यहाँ तक कि 1989 के बाद और 1990 से पहले भी जम्मू-कश्मीर पुलिस की निष्क्रियता की वजह से किसी भी आरोपी पर मुकदमा नहीं चलाया गया था।

ग्लोबल कश्मीरी पंडित प्रवासी (जीकेपीडी) ने भी हत्या की निंदा की और जाँच की बात कही है। उन्होंने सवाल किया कि जब खतरे को देखते हुए सुरक्षा का अनुरोध किया गया था तो क्यों इसमें लापरवाही बरती गई।