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कर्नाटक- सदन में देर रात तक कार्यवाही, शाम 6 बजे तक साबित करना होगा बहुमत

कर्नाटक में सियासी घमासान जारी रहते हुए विश्वास मत प्रस्ताव पर तीसरे दिन की बहस के बाद भी मतदान नहीं हो सका। सोमवार (22 जुलाई) देर रात तक सदन की कार्यवाही चली। विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश ने मंगलवार सुबह तक के लिए सदन स्थगित कर बहुमत साबित करने की नई समय सीमा मंगलवार शाम 6 बजे तक की तय कर दी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “मंगलवार शाम 6 बजे तक बहुमत परीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।” कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा, “मंगलवार को शाम चार बजे तक चर्चा पूरी हो जाएगी और शाम छह बजे तक विश्वास प्रस्ताव पर बहुमत परीक्षण संपन्न हो जाएगा।”

विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे इतना मजबूर मत करिए कि मैं बिना आपसे पूछे ही कोई फैसला ले लूं। इसके नतीजे खतरनाक साबित हो सकते हैं।” सोमवार को सदन में 20 विधायक अनुपस्थित रहे। इनमें कांग्रेस-जेडीएस के 17 और दो निर्दलीय व एक बीएसपी विधायक शामिल रहे।

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, “उनके इस्तीफे का एक फर्जी खत वायरल हो रहा है। हम सोमवार को विश्वास मत प्रक्रिया खत्म करने को तैयार थे लेकिन दो निर्दलीय विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर दिया।” इस पर अध्यक्ष ने कहा, “अगर उन्हें आप पर भरोसा था तो वे सर्वोच्च न्यायालय क्यों गए?”

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा, “विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों को नोटिस दिया है। उन्हें मंगलवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है। अगर वे वापस आते हैं तो उन्हें मंत्री बनाया जाएगा और अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।”