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कर्नाटक सदन में सोए भाजपा विधायक, कुमारस्वामी 1.30 बजे तक साबित करें विश्वासमत

कर्नाटक का सियासी नाटक गुरुवार (18 जुलाई) सुबह शुरू होने के बाद रातभर तक चलता रहा। भाजपा विधायक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित किए जाने से नाराज होकर सदन में धरने पर बैठ गए और रात में तकिया और चादर लेकर वहीं सो गए।

अमर उजाला  की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस-जेडीएस सरकार के बहुमत को लेकर गुरुवार को स्थिति साफ होने की उम्मीद थी लेकिन हंगामे के साथ कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद विरोध स्वरूप भाजपा विधायकों ने सदन में ही रातभर धरना दिया।

उधर, संकट से जूझ रही एचडी कुमारस्‍वामी सरकार को फिर झटका लगा है। राज्‍यपाल वजूभाई वाला ने विधानसभा अध्‍यक्ष से कहा, “वह विश्‍वासमत पर चल रही बहस को शुक्रवार दोपहर तक खत्‍म करें।” अब मुख्यमंत्री को शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक विश्वासमत हासिल करना होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने विधानसभा की कार्यवाही स्थिगित होने के बाद सभी विधायकों के रात भर सदन में ही धरना देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “जब तक विश्वास प्रस्ताव पर निर्णय नहीं होता, तब तक हमारे विधायक सदन में रहेंगे।”

कांग्रेस और जेडीएस के व्हिप जारी करने के बावजूद गठबंधन के 17 विधायक सदन की कार्यवाही में नहीं शामिल हुए। इनमें मुंबई के होटल में रुके कांग्रेस के 12 विधायक भी शामिल हैं। सरकार को समर्थन कर रहे बसपा के एकमात्र विधायक महेश कुमार सहित दो निर्दलीय विधायक भी सदन नहीं पहुँचे।

225 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के 105 सदस्य हैं। कांग्रेस के 78 और जेडीएस के 37 विधायक हैं। कांग्रेस के 13 और जेडीएस के तीन विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में अब सदन में गठबंधन की संख्या 99 हो गई है।