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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पर्यटन के बढ़ावे के लिए निवेश करेगी कर्नाटक सरकार

कर्नाटक सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पर्यटन और अतिथि सेवा क्षेत्र में निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद बाकी भारतीयों के लिए इस क्षेत्र में ज़मीन खरीदने के दरवाजे खुल गए हैं।

द इकोनॉमिक टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, बीएस येदियुरप्पा सरकार ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को प्रस्ताव के बारे में लिखा है। महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक दूसरा राज्य है, जो निवेश का प्रस्ताव लेकर आया है। महाराष्ट्र ने श्रीनगर और लद्दाख में रिसॉर्ट बनाने का प्रस्ताव दिया है।

इससे पूर्व कर्नाटक के पर्यटन मंत्री सीटी रवि ने कहा था, “हम जल्द ही कैबिनेट के समक्ष एक प्रस्ताव रखेंगे। केंद्र और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को लिखने से पहले इसकी मंजूरी लेंगे और वहाँ निवेश करने की अनुमति मांगेंगे।”

यह योजना घाटी में पूंजी निवेश करने, भूमि खरीदने और उसे होटल या रिपोर्ट विकसित करने के लिए राज्य के स्वामित्व वाले कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम (केएसटीडीसी) को सौंपने की है।

केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन राज्य के विशेष दर्जे के समाप्त होने के बाद निवेश को आकर्षित करने के लिए ब्रांडिंग कर रहा है। वहीं, भाजपा शासित राज्यों से इसमें निवेश करके अभियान को बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। क्षेत्र में निवेश से स्थानीय युवाओं को बेहतर बुनियादी ढांचे और रोजगार के मौके देने का वादा किया जाएगा।