समाचार
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा- “सरकार निवेशकों हेतु भूमि सुधार कानून में संशोधन करेगी”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा जो विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में शामिल होने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस में थे, ने शनिवार (25 जनवरी) को कहा कि राज्य सरकार भूमि सुधार अधिनियम में संशोधन करने जा रही है जिसमें निवेशकों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की चिंताओं को दूर किया जा सके।

द इकॉनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, “निवेशक का पक्ष (मुलाकात के दौरान) अपनी इकाइयों को शुरू करने में बोझिल प्रक्रियाओं के लिए कुछ संदेह और विरोध था और हमने उन्हें उनकी सभी समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया। उदाहरण के लिए, उन्होंने भूमि प्राप्त करने में देरी की शिकायत की और हमने उन्हें बताया कि नियमों को सरल बनाया जाएगा और इतना ही नहीं हमने उन्हें प्रासंगिक अधिनियम के तहत नियमों में संशोधन के बारे में बताया।”, येदियुरप्पा ने अपनी यात्रा को, “फलदायी”, बताते हुए संवाददाताओं से कहा।

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने वादा किया कि सरकार को एक या दो महीने के भीतर सभी प्रशासनिक बाधाओं से छुटकारा मिल जाएगा जिसके बाद सरकार आने वाले महीनों में कानूनी समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से वर्तमान कानूनों में संशोधन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने, “सेंटर फॉर इंटरनेट ऑफ एथिकल थिंग्स”, की स्थापना के लिए डब्ल्यूईएफ के प्रबंध निदेशक मूरत सोनमेज़ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो सेवा और आईटी, बीटी क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस तरह का समझौता करने वाला कर्नाटक दुनिया का पहला राज्य बन गया। “उन्होंने (सोनमेज़) ने हमें बताया कि निवेशक इस गिनती पर खुश होंगे और कर्नाटक में निवेश करने में संकोच नहीं करेंगे।”

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने अपनी सभी बैठकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की जबकि यह सूचित करते हुए कि लुलु समूह का लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा जो राज्य के किसानों को एक खाद्य परिवहन श्रृंखला बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि नोवोर्नडिस्क पूरे कर्नाटक के लोगों में मधुमेह रोगियों को नियंत्रित करने में राज्य की मदद करेगा।